आज सी. बी. एस. ई. बोर्ड के विद्यालयों का बिहार और झारखंड में जाल बिछ गया है पर हम सभी को भूलना नहीं चाहिए कि इन दोनों राज्यों में सी . बी. एस. ई. का प्रथम विद्यालय डॉ. जे. के. सिन्हा द्वारा ही प्रारंभ किया गया था, तत्पश्चात महोदय के द्वाराअनेकों विद्यालयों की नींव डाली गई जो उनके जीवन काल में ही पुष्पित और पल्वित हो गया था उसमें से ही एक विद्यालय है, किड्स गार्डन सेकेंडरी स्कूल झरिया है, आज ही के दिन यह विद्यालय अपने अभिभावक को खोया था l यह विद्यालय हमेशा सर का ऋणी है और रहेगा l
आज की सुबह की सभा में संपूर्ण विद्यालय परिवार ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया l
शिक्षकों ने उनके छाया चित्र पर पुष्प माला अर्पित कर श्रद्धांजली दिये lशेसनिक शिक्षक असित कुमार Banerjee सिन्हा सर की कृतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिन्हा सर हमेशा हमलोगों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे l
उनका कहना था कि शिक्षकों को हमेशा अध्ययन रत रहना चाहिए तथा अपने विषय के साथ -साथ सम सामयिक विषयों का भी ज्ञान रखना चाहिए l
उपरोक्त अवसर पर निर्देशिका डॉ शोभा सिन्हा ने कहा कि सिन्हा सर का कहना था कि कर्म मजदूर की तरह करो और जिन्दगी राजा की तरह जियो l
अर्थात परिश्रमी बनो अंततः एक बहुत ही मार्मिक भजन के बाद प्राचार्या doctor स्नेहलता ने भी उनके जीवन चरित पर प्रकाश डालते हुई कहा कि उनके जैसा कोई नहीं बन पाएगा,अतः कुछ शिक्षकों सौगता मल्लिक ,मनोज सिन्हा,सुमन पांडे,दीपा राय चौधरी, सन्तोष कुमार,शालू तिवारी,brahmer सिंह,सुमित सेनगुप्ता, सुदीप्ता दत्ता, अनूप तिवारी,अमित Chakraborty, दीपा राय चौधरी, एनीमेश चटर्जी, अमन मिश्रा,तारकेश्वर चौधरी ,कविता सिंह, amit कुमार आदि सम्मिलित थे I





